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पांच राज्यों के चुनाव खत्म होते ही तेल की लूट का खेल शुरू: कांग्रेस

surjevala

देश में महंगाई को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार पर हमला बोला है।

किस नेता ने बताया भाजपा को भारतीय जनलूट पार्टी

हरियाणा उत्सव, Delhi/ बीएस वाल्मीकिन

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि भारत के 130 करोड़ लोग आज कोरोना महामारी से लड़ रहे हैं लेकिन ‘भारतीय जनलूट पार्टी’ (बीजेपी) की लूट जारी है। पांच विधानसभाओं के चुनाव खत्म होते ही बीजेपी सरकार का तेल की लूट का खेल शुरू हो गया है, जिसके अंतर्गत मोदी सरकार ने पिछले आठ दिन में पेट्रोल 1.40 रुपए और डीजल को 1.63 रुपए प्रति लीटर महंगा कर दिया है।

उन्होंने आगे कहा, “आज देश में हालात बहुत ज़्यादा खराब हैं, न पूरे टेस्ट हो रहे हैं, ना टेस्टों की रिपोर्ट समय पर आ रही है, ना ही अस्पतालों में डॉक्टर, ऑक्सीजन, दवाई और बेड हैं, जिससे हर रोज़, हर गांव-मोहल्ले में मौतें हो रही हैं। भारत के लोग इस कठिन आर्थिक मंदी और महामारी की दूसरी लहर का सामना करते हुए अपने जीवन को बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन निष्ठुर सरकार उन्हें उचित आर्थिक सहायता और मुश्किल समय में राहत की उम्मीद देने की बजाय निरीह जनता पर हर रोज डीजल और पेट्रोल में दामों में वृद्धि का बोझ डाल मुनाफाखोरी और जबरन वसूली कर रही है।”

उन्होंने आगे कहा कि सस्ता पेट्रोल-डीजल देने के वायदे पर सत्ता में आयी मोदी सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों को बढ़ाने के लिए कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतों के बढ़ने की झूठी बहानेबाजी करती है, लेकिन सच्चाई है की कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमतें कांग्रेस के समय से एक चौथाई कम हैं, लेकिन मोदी सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर उत्पाद शुल्क को बार-बार बढ़ा कर जनता का तेल निकाल दिया है।

उन्होंने आगे कहा, “रिकॉर्ड की बात है कि 26 मई 2014 को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभाली थी, तब भारत की तेल कंपनियों को कच्चा तेल 108 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल मिल रहा था, जो तत्कालीन डॉलर-रुपया के अंतरराष्ट्रीय भाव के अनुसार 6,330 रुपए प्रति बैरल बनता है, जिसका अर्थ है तेल लगभग 40 रुपए प्रति लीटर के भाव पर पड़ रहा था। उस समय पेट्रोल और डीजल क्रमशः 71.41 और 55.49 रुपए प्रति लीटर में उपलब्ध था, जो आज क्रमशः 91.80 और 82.36 रुपए प्रति लीटर बेचा जा रहा है। कच्चे तेल की कीमत आज 67.21 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल यानी 4934.27 रुपए प्रति बैरल है, जो 22 प्रतिशत कमी के बावजूद पेट्रोल और डीजल की कीमतें कहीं ज्यादा हैं और आसमान छू रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि जब मई 2014 में सत्ता संभाली तो पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क केवल 9.20 रुपये प्रति लीटर और 3.46 रुपये प्रति लीटर पर था, जिसमें बीजेपी सरकार द्वारा पेट्रोल पर 23.78 प्रति लीटर और डीजल पर 28.37 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी की गयी है, जो यूपीए की तुलना में क्रमशः 258 और 820 प्रतिशत ज्यादा है। वर्ष 2014-15 से वर्ष 2020-21 तक 6.5 वर्षों की अवधि के बीच, केंद्रीय बीजेपी सरकार ने 12 बार पेट्रोल और डीजल पर करों में वृद्धि की और जनता से साढ़े छह साल में 21.50 लाख करोड़ रुपए वसूले हैं। मोदी सरकार ने कोरोना काल में तो पेट्रोल -डीजल कीमतों में बार-बार बढ़ोतरी कर मुनाफाखोरी और शोषण के सभी हदों को पार कर दिया है। कोरोना काल में ही पेट्रोल पर 13 रुपए और डीजल में 16 रुपए प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई गयी है। मोदी सरकार यदि पिछले साढ़े छह वर्षों के दौरान स्वयं के द्वारा बढ़ाए गया उत्पाद शुल्क को ही वापस ले ले तो जनता को भारी राहत मिल सकती है।

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