Delhi

भाजपा ने किया एचसीएस भर्ती में दलित-पिछडों के साथ धोखा

आरक्षण नीति का उल्लंघन किया जा रहा
HCS भर्ती में SC पद खाली रह गए = 14

एचसीएस भर्ती में एससी-बीसी समाज के पद क्यों रखे खाली
हरियाणा उत्सव, डेस्क (भंवर सिंह) 

नीट के रिजल्ट में हुई गडबडी का मामला अभी शांत ही नहीं हुआ है। हरियाणा में एचसीएस भर्ती का परिणाम घोषित किया है। इसमें दलित-पिछडों के साथ भेदभाव होने का मामला सामने आया है। सरकार ने 2022 और 2023 में भर्ती निकाली गई थी। इस भर्ती में आरक्षण नीति का उलंघन किया गया है। दलितों-पिछडों के पदों को खाली छोड दिया है। यह आरोप कांग्रेस महासचिव रणदीप सुरजेवाला ने लगाए हैं। उन्होंने कैथल में एक पत्रकार वार्ता में एचसीएस भर्ती में हुए घोटाले का पर्दाफास किया।
उन्होंने एचसीएस भर्ती के आकड़े पेश करते हुए कहा कि भाजपा की नजर में दलितों-पिछडों के बच्चें एचसीएस बनने योग्य नहीं हैं। दलितों-पिछडों समाज में इतने बच्चे भी नहीं है कि आरक्षित पदों पर भर्ती हो सके।

सुरेजावाला ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा नहीं चहती की दलित-पिछडे व गरीब के बच्चे एचसीएस आफिसर बने। इसलिए वह भर्तियों में जानबूझकर गडबडियां करवा रही है। एचसीएस भर्ती में भाजपा का दलित-पिछडा विरोधी चेहरा सामने आया है। भाजपा पूरी तरह से बेनकाब हो चुकी है।

दलितों-पिछडों को इंटरव्यू में पहुंचने से भी रोका जा रहा
सुरजेवाला ने कहा कि 2019 से 2024 तक यानि पिछले छह साल से भाजपा सरकार एचसीएस पदों पर एससी-बीसी बच्चों की भर्ती को दुश्मन की नजर से देख रही है। एक ओर रविदासिया व वाल्मीकी समाज के नौजवानों को एचसीएस अफसर बनने से रोकने का खुला खेल किया गया तो दूसरी ओर बीसी(ए) व बीसी(बी)यानी कश्यप, प्रजापति, जांगड़ा, पांचाल, कंबोज, गुर्जर, सैनी और यादव समाज के युवकों को एचसीएस भर्ती के इंटरव्यू तक पहुंचने से भी रोका जा रहा है।

आरक्षण नीति का उल्लंघन किया जा रहा
1. एक तरफ तो SC समाज के HCS अफसर के आरक्षित पद ही साल 2019 के बाद भरे ही नहीं जा रहे। न तो SC आरक्षित पद 2022 HCS भर्ती में भरे गए, और न ही SC आरक्षित पद साल 2023 HCS भर्ती (जिसका परिणाम कल 14 जून, 2024 को निकला है) में भरे जा रहे।
क्या भाजपा सरकार के मुताबिक इसका मतलब यह है कि हरियाणा में रविदासिया समाज, वाल्मीकी समाज, संहसी समाज, धाणक समाज, ओड समाज व अन्य SC बिरादरी के बच्चे अब HCS अफसर बनने के लायक नहीं रहे?
2. बैकवर्ड क्लास में तो ज्यादती और ज्यादा है। या तो बैकवर्ड क्लास के HCS अफसर की भर्ती के पद ही नहीं भरे जाते (जैसा कि HCS भर्ती 2022 में हुआ), या फिर BC (A) व BC (B) में तीन गुना बच्चों को HCS अफसर भर्ती के लिए बुलाया ही नहीं जाता।

जिस बच्चे से मेज के नीचे से सैंटिंग हो जाए या फिर जिस चहेते को भर्ती करना हो, केवल उन्हीं को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है और BC (A) व BC (B) के गुणी बच्चों को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए छोड़ दिया जाता है।

आईये HCS भर्ती में इस SC-BC के खिलाफ हो रहे षडयंत्र का सिलसिलेवार ब्यौरा देखेंः-

1. HCS भर्ती 2023 – SC विरोधी चेहरा बेनकाब
(i) SC आरक्षित पद – 31
(ii) इंटरव्यू पर SC बच्चे बुलाए – 22
(तीन गुना बच्चे बुलाना कानूनी अनिवार्य है, यानी 31 पदों के लिए 31×3 = 93 SC बच्चों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए)
(iii) HCS भर्ती में SC पद भरे = 22
(iv) SC आरक्षित पद खाली छोड़ दिए = 9

यही हाल HCS भर्ती 2022 में भी किया
(i) 2022 HCS भर्ती में कुल SC पद = 20
(तीन गुना के हिसाब से इंटरव्यू पर बुलाए जाने चाहिए थे 20×3 = 60 SC बच्चे)
(ii) इंटरव्यू पर बुलाए = 6
(iii) SC पद भरे = 6
(iv) HCS भर्ती में SC पद खाली रह गए = 14

उपरोक्त से साफ है कि भाजपा सरकार ने HCS भर्ती 2022 में 14 HCS अफसरों के SC आरक्षित पद खाली छोड़ दिए और HCS भर्ती 2023 में 9 SC आरक्षित पद खाली छोड़ दिए। क्या बीजेपी के मुताबिक हरियाणा के SC समाज के बच्चे HCS अफसर लगने के लायक भी नहीं हैं? यह बीजेपी का SC विरोधी चेहरा दिखाता है।

भाजपा का SC विरोधी चेहरा इस बात से भी साबित होता है कि HCS भर्ती 2022 के बाद SC बच्चों ने राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग को इस भेदभाव के बारे में लिखा। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने 21 फरवरी, 2024 को भाजपा सरकार के HPSC (हेराफेरी सर्विस कमिशन) को लिखकर जवाब मांगा कि आरक्षण नीति का उल्लंघन क्यों किया जा रहा है? इस पत्र की प्रतिलिपि संलग्नक A1 है। इसके बावजूद भाजपा सरकार व उसके HPSC ने न कोई कार्रवाई की और न कोई तसल्लीबख़्श जवाब दिया। SC समाज के बच्चे भटकते रहें, तो भाजपा को क्या।

2. HCS भर्ती 2023 – बैकवर्ड विरोधी चेहरा बेनकाब
(i) BC (A) आरक्षित पद – 19
(ii) इंटरव्यू पर BC (A) बच्चे बुलाए – 19
(ज्ञात रहे कि तीन गुना बच्चे बुलाना कानूनी अनिवार्य है, यानी 19 पदों के लिए 57 BC बच्चों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए)
(iii) HCS भर्ती में BC (A) पद भरे = 19
(जिस बच्चे की सैटिंग हो गई या जो चहेता है, उन्हीं 19 बच्चों को BC (A) कैटेगरी में बुलाया गया और भर्ती कर लिया गया। बाकी BC (A) के गुणी बच्चों को दर-दर की ठोकरें खाने को छोड़ दिया गया)
यही हाल HCS भर्ती 2022 में भी किया
(i) 2022 HCS भर्ती में कुल BC (A) पद = 10
(तीन गुना के हिसाब से इंटरव्यू पर बुलाए जाने चाहिए थे 10×3 = 30 BC बच्चे)
(ii) इंटरव्यू पर बुलाए = 3
(iii) BC (A) पद भरे = 3
(iv) HCS भर्ती में BC (A) पद खाली रह गए = 7

BC (B) की भर्ती में भी यही भेदभाव है:
(i) BC (B) आरक्षित पद – 7
(ii) इंटरव्यू पर BC (B) बच्चे बुलाए – 8
(ज्ञात रहे कि तीन गुना बच्चे बुलाना कानूनी अनिवार्य है, यानी 7 पदों के लिए 21 BC (B) बच्चों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाना चाहिए)
(iii) HCS भर्ती में BC (B) पद भरे = 7
(जिस बच्चे की सैटिंग हो गई या जो चहेता है, उन्हीं 7 बच्चों को BC (B) कैटेगरी में बुलाया गया और भर्ती कर लिया गया। बाकी BC (B) के गुणी बच्चों को दर-दर की ठोकरें खाने को छोड़ दिया गया)

यही हाल HCS भर्ती 2022 में भी किया
(i) 2022 HCS भर्ती में कुल BC (B) पद = 5
(तीन गुना के हिसाब से इंटरव्यू पर बुलाए जाने चाहिए थे 5×3 = 15 BC (B) बच्चे)
(ii) इंटरव्यू पर बुलाए = 1
(iii) BC (B) पद भरे = 1
(iv) HCS भर्ती में BC (B) पद खाली रह गए = 4

 

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