February 21, 2024
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तालिबान ने फिर किया अफगानिस्तान पर कब्जा, जानिए अफगानिस्तान के बारे में

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तालिबान ने फिर किया अफगानिस्तान पर कब्जा, जानिए अफगानिस्तान के बारे में

हरियाणा उत्सव, नई दिल्ली डेस्क

अफगानिस्तान एशिया का एक देश है, जहां अब तालिबान का कब्जा हो चुका है। अफगानिस्तान एक गरीब देश है। यहां भ्रष्टाचार, गरीबी और हिंसा काफी ज्यादा है। साल 2007 में यहां गरीबी का स्तर 34 फीसदी था, जो 2017 में बढ़कर 54.4 फीसदी हो गया। 20 साल की लंबी लड़ाई के बाद अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान से निकलने के कुछ ही दिनों के भीतर लगभग पूरे देश पर फिर से तालिबान का कब्जा हो गया है। अफगानिस्तान की राजधानी काबुल पर तालिबान लड़ाकों की दस्तक के बाद 15 अगस्त को राष्ट्रपति अशरफ गनी ने देश छोड़ दिया।

अफगानिस्तान का नाम लेते ही अक्सर लोगों को तालिबान के आतंक की याद आ जाती है। क्योंकि यहां शुरू से ही तालिबान का आतंक रहा है। अफगानिस्तान की सीमाएं पाकिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, उज़्बेकिस्तान और तजाकिस्तान से लगती हैं। आज यहां हम आपको अफगानिस्तान के कुछ महत्वपूर्ण तथ्य बता रहे हैं।

अफगानिस्तान की आबादी
अफगानिस्तान के केंद्रीय सांख्यिकी संगठन (सीएसओ) की 2011 की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानों की कुल संख्या लगभग 26 मिलियन यानी कि 2.6 करोड़ थी। 2017 तक यह 29.2 मिलियन यानी कि 2.92 करोड़ तक पहुंच गई थी। इनमें से 15 मिलियन (1.5 करोड़) पुरुष हैं और 14.2 मिलियन (1.42 करोड़) महिलाएं हैं। इनमें से 3 मिलियन यानी कि 30 लाख लोग अफगान नागरिक शरणार्थियों के रूप में रह रहे हैं। ये लोग पाकिस्तान और ईरान के हैं। यहां की 99 फीसदी आबादी मुस्लिम है। एक फीसदी में हिंदू, यहूदी और क्रिश्चन आते हैं. यहां 22 फीसदी आबादी शहरी है और बाकी बची 78 फीसदी आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में रहती है। साल 2050 तक देश की आबादी 82 मिलियन यानी कि 8.2 करोड़ तक पहुंचने की उम्मीद है. देश की मातृ मृत्यु दर 396 मृत्यु / 100,000 जीवित जन्म है और इसकी शिशु मृत्यु दर प्रति 1000 जन्म पर 53.2 है।

अफगानिस्तान में गरीबी का स्तर
अफगानिस्तान एक गरीब देश है। यहां भ्रष्टाचार, गरीबी और हिंसा काफी ज्यादा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, साल 2007 में यहां गरीबी का स्तर 34 फीसदी था, जो 2017 में बढ़कर 54.4 फीसदी हो गया। अनुमान है कि 6 से 14 साल की उम्र वाला हर चार में से एक अफगान बच्चा अपने परिवार की आर्थिक मदद के लिए मजदूरी करता है। यहां बच्चे ऐसे कई तरह काम करते हैं जो बच्चों के लिए किसी तरह से भी सुरक्षित नहीं माने जा सकते।

अफगानिस्तान में राज्यों की संख्या-
अफगानिस्तान में कुल 29 राज्य है. काबुल देश की राजधानी भी है और एक राज्य भी है. सभी राज्यों के नाम इस प्रकार है- बदख्शां, बाद्घिस, बाग़लन, बल्ख, बामयान, फराह, फरयाब, गज़ऩी, घोर, हिलमांड, हिरात, जवजजन, काबुल, कंदहार, कपीसा, कुंअर, कुंदूज़, लघमन, लोगर, नांगरहार, निम्रोज़, पक्तिका, पक्तया, परवान, समांगन, ताखर, उरूजग़न, वरदक और जाबुल. अफगानिस्तान के 12 प्रमुख नगरों के नाम इस प्रकार है- काबुल, कंधार, हरात, मजार शरीफ, कुंदोज, तालोकां, पुली खुमरी, जलालाबाद, चरीकार, शेबेरघन, गजनी और सरेपोल.

अफगानिस्तान की मुख्य दो आधिकारिक भाषाएं दारी और पश्तो है. दारी भाषा को यहां की 77 फीसदी जनसंख्या बोलती है. अंग्रेजी भाषा का इस्तेमाल काफी कम किया जाता है.यहां की मुद्रा का नाम अफगानी है, अफगान नहीं. यहां के लोगों को अफगान कहा जाता है।

Source- https://m.dailyhunt.in/

अस्वीकरण: यह कहानी एक कंप्यूटर प्रोग्राम द्वारा ऑटो-एग्रीगेट की गई है और इसे डेलीहंट/ हरियाणा उत्सव द्वारा बनाया या संपादित नहीं किया गया है। प्रकाशक: एबीपी लाइव हिंदी

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