Alive Person

एचसीएस अंकित कुमार का इंटरव्यू ll अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता: SDM Ankit Kumar

SDM Gohana

दोस्त की एक बात और बुआ की सलाह ने बदली जिंदगी
तैयारी के दौरान करना पड़ा तगड़े संघर्ष का सामना
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता: एसडीएम अंकित कुमार

एसडीएम अंकित कुमार, एचसीएस अधिकारी का व्यक्तिगत परिचय
एचसीएस अंकित कुमार का जन्म  1997 को हरियाणा के रेवाड़ी जिले के गांव माहेश्वरी में हुआ। उनके पिता रवि कुमार एक टैक्सी चालक (ड्राइवर) हैं। माता सुशीला देवी ग्रहणी हैं। अंकित आर्य एक सारधारण परिवार में जन्में हैं। इनका गांव माहेश्वरी राजस्थान बॉर्डर पर स्थित है। जिस कारण इन्होंने राजस्थान यूटीआई के सेक्टर दो में स्थित स्कूल से 10वीं-12वीं कक्षा पास की। 2018 में आईएचएम जयपुर राजस्थान से होटेल मँनेजमेंट की पढ़ाई की। अंकित कुमार ब्रिलियंट बच्चों में शामिल थे। अंकित का टेलेंट देखकर दोस्त सोनू बोला तूम सिविल सर्विस में ट्राई क्यों नहीं करते? अंकित के दिमाग में यह वाक्य क्लिक कर गया। इसी विषय को लेकर अंकित अपनी बुआ कांता से मिला। बुआ कांता ने भी सिविल सर्विस में ट्राई करने का सुझाव दिया। तुरंत इंटरनेट यूट्यूब पर सर्च करना शुरू कर दिया। किताबें खरीदकर और ऑनलाइन खुद ही तैयारियां शुरू कर दी। उसके बाद 2019 में यूपीएससी की परीक्षा दी। जिसमें सफलता नहीं मिली। 2020 में दोबारा यूपीएससी की परीक्षा दी जिसमें मेन्स में 8 अंकों से रह गए। उम्मीद नहीं छोड़ी, दोबारा से तैयारियों में जुट गए। कोचिंग सेंटरों की मोटी फीस के कारण सेल्फ स्टडी की। इन्होंने पहले ही प्रयास में 2023 में एचसीएस की परीक्षा पास की और एक एचसीएस अधिकारी बन गए।

यहां-यहां रही सेवाएं
14 नवंबर 2023 को पहली ज्वाइनिंग रोहतक मंडल आयुक्त के ओएसडी नियुक्त हुए। 15 मार्च 2024 को रोहतक में ही सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त हुए। उसके बाद से 13 अप्रैल 2026 से गोहाना में बतौर एसडीएम अपनी सेवाएं दे रहे हैं। एसडीएम के रूप में गोहाना में पहली पोस्टिंग है।

दोस्त की एक बात और बुआ की सलाह ने बदली जिंदगी
-अंकित कुमार ने 2017-18 में एचसीएस जयपुर से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई के दौरान अपने जूनियर्स के डाउट्स आसानी से क्लियर किए। उनकी पढ़ाई में अच्छी पकड़ देखकर दोस्त सोनू ने कहा कि जब तुम इतने अच्छे से पढ़ा सकते हो और दूसरे विषयों में भी टॉपर हो, तो सिविल सर्विस की तैयारी क्यों नहीं करते? यह बात अंकित के मन में बैठ गई। इसके बाद उन्होंने दिल्ली में एएनएम के पद पर कार्यरत अपनी बुआ कांता से सलाह ली। बुआ ने भी उन्हें सिविल सर्विस में प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। यहीं से अंकित ने एचसीएस की तैयारी शुरू की और पहले ही प्रयास में 2023 में एचसीएस परीक्षा पास कर ली। दूरगामी सोच रखने वाले दोस्त ने अंकित कुमार को एचसीएस अधिकारी बना दिया।
तैयारी के दौरान करना पड़ा संघर्ष का सामना
-अंकित ने इंटरनेट और यूट्यूब के जरिए यूपीएससी और एचसीएस परीक्षाओं की जानकारी जुटाई और किताबों व ऑनलाइन माध्यम से खुद तैयारी शुरू कर दी। 2019 में पहली बार यूपीएससी की परीक्षा दी, लेकिन सफलता नहीं मिली। 2020 में दोबारा यूपीएससी की परीक्षा दी और मेन्स में महज 8 अंकों से रह गए। बुआ के मोटिवेशन ने निराश नहीं होने दिया, बुआ कांता और फूफा के प्रोत्साहन से उन्होंने तैयारी जारी रखी। महंगी कोचिंग फीस के कारण कोई भी कोचिंग सेंटर ज्वाइन नहीं किया। उन्होंने सेल्फ स्टडी को ही अपना माध्यम बनाया। परिवार के लिए आर्थिक मदद नहीं पहुंचा पा रहे थे। यह भी मन में टीस थी। आर्थिक जरूरतों के लिए शिक्षण संस्थानों में कक्षाएं भी लेने लगे।

अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता-एसडीएम अंकित कुमार

उपमंडल स्तर पर एसडीएम सबसे मुख्य अधिकारी होते हैं। क्षेत्र में शासन-प्रशासन को बेहतर ढंग से चलाना इनकी मुख्य जिम्मेदारी होती है। इन पर सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू कराने और जनसमस्याओं का समाधान करना इनकी जिम्मेदारी होती है। शहर में जाम व अतिक्रमण की समस्या आम है। कुछ सरकारी विभाग के कार्यालयों में कर्मचारी देरी से पहुंचते हैं। जनसमस्याओं का समाधान, सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर में सुधार लाने, सीएम की घोषणाओं को जल्द पूरा कराने के लिए प्रशासन की क्या योजना रहेगी। इन सभी मुद्दों को लेकर हरियाणा उत्सव के मुख्य संपादक भंवर सिंह ने गोहाना एसडीएम अंकित कुमार से विस्तार से बातचीत की। पेश है बातचीत के मुख्य अंश-

एसडीएम कार्यालय में गोहाना एसडीएम अंकित कुमार से बातचीत करते हुए पत्रकार भंवर सिंह
एसडीएम कार्यालय में गोहाना एसडीएम अंकित कुमार से बातचीत करते हुए पत्रकार भंवर सिंह
1-सीएम की घोषणाओं को जल्द पूरा कराने के लिए क्या प्रयास किए जा रहे हैं?

कैबिनेट मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा के निर्देश व जिला उपायुक्त के मार्गदर्शन से संबंधित अधिकारियों से फीडबैक लेकर उच्च अधिकारियों को भेजा गया है। महम रोड गोहाना से आहुलाना चीनी मिल तक चौड़ीकरण किया जाना है। बहुत जल्द इस पर कार्य शुरू होने वाला है। इसके अलावा गोहाना में मल्टी स्टोरी मार्केट व कार पार्किंग बनाने के लिए भी काम किया जा रहा है।  गोहाना में टूरिज्म रिजॉर्ट बनाया जाएगा। इसके लिए जमीन की तलाश की जा रही है। जैसे की जमीन मिलेगी कार्य को सिरे चढ़ाया जाएगा। कई रिहायसी सेक्टरों में निर्माण कार्य चल रहे हैं। बहुत जल्द लोगों के लिए प्लॉट आवंटित किए जाएंगे। ट्रांसपोर्ट नगर भी विकसित किया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री की सभी घोषणाओं पर विभागीय स्तर पर कार्य चल रहा है।

2-शहर में जाम और अतिक्रमण समस्या को खत्म करने के लिए क्या प्रयास हैं?

– नगर परिषद द्वारा शहर में फुटपाथों से अतिक्रमण हटाने के लिए लगातार अभियान चलाया जाता है। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने के लिए हमने एक टीम बनाई है। जिसमें नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस के अधिकारी शामिल हैं। दुकानों के सामने फुटपाथ को खाली कराया जाएगा। इसके अलावा पुरानी सब्जी मंडी से भी अतिक्रमण सख्ताई से हटाया जाएगा। इसके अलावा अवैध गलियों में बने अवैध चबूतरों को भी हटाया जाएगा। ताकि रास्ता खुला हो और आने-जाने में लोगों को असुविधा न हो।

3-सरकारी विभाग के कार्यालयों में कुछ कर्मचारी समय पर नहीं पहुंचते, इस पर शिकंजा कसने के लिए क्या प्रयास हैं?
सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के देरी से पहुंचने की शिकायतों पर एसडीएम ने स्पष्ट किया कि ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-समय पर सरकारी कार्यालयों का औचक निरीक्षण करते हैं। यदि कोई कर्मचारी अपनी सीट पर नहीं मिलता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कर्मचारी की लापरवाही को हल्के में नहीं लिया जाएगा।

4-सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार के लिए क्या प्रयास रहेगा?
शैक्षणिक व्यवस्था के सुधार के लिए विभाग के अधिकारियों के साथ समय-समय पर बैठक की जाएंगी। नई शिक्षा नीति के आधार पर स्कूलों में पढ़ाई कराई जा रही है। जो शिक्षक व अधिकारी ड्यूटी में लापरवाही बरतेंगे उनके खिलाफ कार्रवाई होगी। मैं भी समय-समय पर स्वयं सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण करूंगा। मिड-डे-मिल भी बारीकी से जांच की जाती है। ताकि बच्चों को पौष्टिक भोजन मिले। शिक्षा रटाफिकेशन की बजाए प्रैक्टिकल पर ध्यान दिया जाएगा।

5-बतौर एसडीएम आपकी प्राथमिकता क्या है?
अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाना प्राथमिकता रहेगी। लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार की तरफ से समाधान शिविर लगाए जाते हैं। हर विभाग के अधिकारी शिविर में मौजूद होते हैं और मौके पर ही सभी समस्याओं का समाधान करते हैं। लोगों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ता। उसके बाद भी किसी व्यक्ति की कोई समस्या है तो वह सीधे एसडीएम कार्यालय में मुझसे मिल सकता है।

Related posts

Dr Sangeeta Dureja-की डॉक्टरी पेशे को आदर्श बनाना प्राथमिकता: डॉ. संगीता दुरेजा  

Haryana Utsav

Shyam Maihta: श्याम मैहता निस्वार्थ भाव से कर रहे समाज सेवा

Haryana Utsav
error: Content is protected !!